सेवा के माध्यम से समाज को कैसे बदला जा सकता है यह अहिल्याबाई संस्कार केंद्र के बच्चों से सीखा जा सकता है। नोएडा के सेक्टर 73 में अहिल्याबाई संस्कार केंद्र ने मोहल्ले की सोच ही बदल दी है। जिस घर से बच्चों को पढ़ने के लिए निकलने नहीं दिया जाता था, आज वही बच्चे दूसरों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

सेवा भारती द्वारा संचालित अहिल्याबाई संस्कार केंद्र के सालाना उत्सव के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर ने कहा कि समाज को बदलने के लिए सेवा एक सशक्त माध्यम है। इसका जीता-जागता उदाहरण यह संस्कार केंद्र है, जिसने समाज में पढ़ने की लालसा जागृत की है और इसका उद्देश्य पूरा होते हुए दिख भी रहा है। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में बच्चों की सृजनात्मकता को देख कर कहा जा सकता है कि सेवा बहुत कुछ बदल सकता है।

कार्यक्रम के संयोजक चंद्रप्रकाश ने कहा है कि पहले ऑफिस से आने पर मोहल्ले के बच्चों को आपस में लड़ते-झगड़ते देखता था। इसे खत्म करने के लिए मैंने अपने घर के अंदर रोज शाम बच्चों को इकट्ठा करके पढ़ाना शुरू कर दिया। शुरू में कम बच्चे आते थे, लेकिन बाद में सिर्फ बच्चों की संख्या ही नहीं बढ़ी बल्कि पढ़ने के प्रति इनकी सोच भी बदली। इसका परिणाम आज दिख रहा है।

इस अवसर पर संस्कार केंद्र के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये। बच्चों को केंद्र की ओर से स्कूल किट और अन्य सामान भी वितरित किये गये। कार्यक्रम के अंत में केंद्र को संचालित करने में अहम योगदान के देने वाले सेवा सहयोगियों को भी सम्मानित किया गया।