आज आप किसी से भी अगर ये सवाल पूछेंगे की आपको अपने जिंदगी में सबसे अच्छा पल कौन सा लगा, तो आपको पता है सब का जबाव क्या रहेगा- ‘बचपन’. जी हां हंसते, खिलखिलाते बचपन के लिए माता-पिता की डांट के साथ-साथ दुलार-प्यार और सही मार्गदर्शन भी बच्चों के लिए बेहद जरूरी होता है। पढ़ाई बोझ न बने इसके लिए माता-पिता को बच्चों का पूरा साथ देना चाहिए। क्योंकि ये पल बेहद ही गंभीर माना गया है, जिसमें बच्चों को यदि आप डांट दो तो वह आपको ही आपना दुश्मन मान बैठते है।

अगर माता-पिता बच्चों पर पढ़ाई के लिए जोर डालते हैं तो ज्यादातर बच्चों का मन पढ़ाई से हट जाता है। ऐसे में बच्चें माता-पिता से भी दूर रहना पसंद करने लग जाते है, साथ ही साथ स्कूल जाने से भी भागने लगते है। बच्चों को ऐसे में स्कूल एक जेल और टीचर्स उन्हे जेलर लगने लगते है और वह दिए गए होम वर्क को सजा समझ कर भागते है। अगर माता-पिता चाहें तो पढ़ाई से भागने की आदत बदल सकते है, स्कूल से मिला होम वर्क पूरा करने के साथ एग्जाम की तैयारी करने के लिए शारीरिक व दिमागी रूप से उन्हें तैयार कर सकते हैं। इस तरह वह अपने बच्चों का भविष्य सवार सकते हैं।

बच्चें पढ़ाई में मन लगा पाएं इसके लिए माता-पिता को कुछ बातों का खास तौर पर ध्यान रखना चाहिए:-
* बचपन से ही बच्चों को अच्छी आदतें व शिष्टाचार सिखाएं ताकी वह बड़े होने के बाद सभी की इज्जत करें। अपना काम खुद ही उचित समय पर करना सीखे। इससे बच्चा अपने समय की कद्र करना सीख जाएगा साथ ही बड़े होने के बाद उन्हे इस कारण कभी भी असफलता नहीं मिलेगी। एक बात तो जान ले सभी बच्चे की पहली शिक्षक मां होती है। मां ही बच्चे के जीवन की मार्गदर्शिका।

*परिवार द्वारा दिए गए संस्कार ही जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आपके अच्छे संस्कारों के पीछे की परछाई जीवन के हर कदम पर बच्चों के साथ रहती है और उसके भविष्य को रोशन करती है। इतना ही नहीं आपके द्वारा लिए गए फैसलों में भी आपके परवरिश का ही हाथ होता है।
अपने परिवार के माहौल को तनावमुक्त व शांतिपूर्ण रखें एवं खुद भी टेंशन फ्री रहें। इससे बच्चों के दिमाग पर अच्छा असर पड़ेगा।

*मनमुटाव हो नोक-झोंक, आपसी लड़ाई व मारपीट क्यों ना हो जाए पर कभी भी बच्चों के आगे यह ना जताए के कुछ परेशानी है, बच्चों के सामने सामान्य तरीके से पेश आएं जिससे की उन्के मानसिक स्थिती पर किसी प्रकार का प्रभाव ना पड़े। कुछ माता-पिता इन बातों का ध्यान नहीं देते और वह खुद के ही परेशानियों में इतने उलझे रहते है कि बच्चों पर वह ध्यान ही नहीं दे पाते यही सबसे मुख्य कारण बन जाते है बच्चों के चिड़चिड़ापन और असफलता की।

*कोशिश करें जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके बच्चों के साथ समय बिताएं उन्हे कभी अकेलापन महसूस न होने दें। अकेलामन बच्चों के मानसिक रूप को काफी कमजोर बना देती है, ऐसे में वह कभी भी अपने मन की बाते नहीं बताते और अंदर ही अंदर वह कुढ़ते रहते है।

*यदि आपका बच्चा होमवर्क या पढ़ाई करने से पहले कोई जिद करता है आपके सामने तो कोशिश करें उसे पूरी करने की यदि आप पूरी ना कर पाएं तो उसे डांट या मार से नहीं बल्कि प्यार से अपने परिस्थिती को बताने की कोशश करें वो जरूर ही आपके बातों को समझेंगे।

*यह बेहद ही आवश्यक है कि बच्चों को पौष्टिक चीजें बनाकर खिलाएं तथा ज्यादा से ज्यादा पानी और प्रोटीन वाली चीज़े खिलाए जिससे की बच्चा स्वस्थ हो, कहते है कि स्वस्थ शरीर ही दिमागी विकास में मदद करता है।

*माता-पिता को यह बात जान लेना चाहिए की अगर बच्चा पढ़ाई करने जा रहा हो या होमवर्क करने लगे तो आप अपने बाकी कामों को पीछे कर बच्चों के साथ बैठे जाए। पढ़ाई करते बीच हो सकता है उन्हे आपकी मदद की जरूरत पड़े। अगर बच्चों की पढ़ाई के वजह से आपको घूमने-फिरने, मूवी देखने या शॉपिंग जैसे प्रोग्राम को छोड़ना पड़े तो उसे बिना सोचे छोड़ दें और अपने बच्चों के पढ़ाई में ध्यान दें।

*माता-पिता को एक बात का ध्यान देना चाहिए की कभी भी अपने बच्चों के सामने किसी दूसरे बच्चे की तारीफ नहीं करनी चाहिए, नहीं तो बच्चे के मन में हीन भावना उत्तपन्न होने लगती है। बच्चे गलत सोच की ओर जल्दी आकर्षित होते है। इसलिए मां-बाप को ऐसे कोई भाषा का भी प्रयोग नहीं करना चाहिए जिससे की उनको हीन लगे।

*यदि आप अपने बच्चों का साथ बचपन में देंगे तभी वह आपके बुढ़ापे का सहारा बनेंगे।

*यदि आपके बच्चों को भी गणित विषय में समस्या आ रहीं है तो अब आपको घबराने की या किसी भी कोचिंग-ट्यूशन के पीछे भागने की जरूरत नहीं सिर्फ एक ऐप से आप गणित का सवाल पूछ सकते है क्लास 6 से 12 तक साथ ही प्रत्योगी परीक्षा देने वाले छात्र भी अपने सवाल का हल जान सकते है। इस ऐप का नाम ‘डाउटनट’ है यह ऐप आप प्ले-स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड कर सकते है।

जान लीजिए इस ऐप को कैसे करें इस्तेमाल-
आपको जिस भी प्रश्न में दिक्कत आ रही हो उसका स्क्रीनशॉट ले कर या अपने सवाल को अपने भाषा में लिख कर डाउटनट ऐप पर भेज दें आपको कुछ ही देर में वीडियों के रूप में जवाब मिल जाएगा की किस तरह से आप उसे सॉल्व कर सकते है। यह ऐप काफी बच्चों के लिए मददगार साबित हुआ है।

-दिव्या द्विवेदी
पत्रकार