प्रख्यात बौद्ध नन और बैंकॉक में सथीरा-धम्मसाथन केंद्र की संस्थापक मेय ची सनसाने सथीरासूत्र को प्रतिष्ठित दयावती मोदी पुरस्कार 2016 से सम्मानित किया गया है.

दयावती मोदी फ़ाउंडेशन की ओर से यह पुरस्कार समाज और विश्व में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया.

शिक्षा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों और समुदायों में हिंसा को दूर करने के लिए किए गए उनके मानवीय प्रयासों के कारण थाईलैंड सरकार ने उन्हें कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पदों पर नियुक्त किया.

फिलहाल वे ग्लोबल पीस इनिशिएटिव ऑफ़ वुमेन की सह-अध्यक्ष हैं. यह एक ऐसा संगठन है जो विश्व-शांति के निर्माण करने के साधन के रूप में सहयोगात्मक, संरचनात्मक और सकारात्मक संवाद में सहभागिता करने के लिए प्रतिबद्ध है.

इसके साथ ही वे दुनिया भर में फैले अपने केंद्रों के माध्यम से बाह्य और आंतरिक शांति एवं सौहार्द्र दोनों का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. मातृत्व के संदेश के रूप में, ग्लोबल पीस इनिशिएटिव ऑफ़ वुमेन और UNDP की सह-अध्यक्ष के रूप में वे पूरे विश्व के युवाओं की मदद करती हैं. वे न्यूयॉर्क में 2006 से संयुक्त राष्ट्र के लिए होने वाले प्रथम वैश्विक युवा नेतृत्व सम्मेलन के लिए कार्य कर रही हैं.

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दयावती मोदी फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष सतीश कुमार मोदी ने कहा कि पूज्य मेय ची सनसाने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात थाईलैंड की बौद्ध नन हैं. उन्होंने धम्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रतिष्ठा हासिल की है जिसमें हम अज्ञानता से छुटकारा पाने और अपने कर्तव्य के दौरान खुश होना सीखते हैं. आज इस मंच पर उन्हें सम्मानित करते हुए मुझे अपार खुशी एवं गर्व महसूस हो रहा है.

मेय ची सनसाने का नाम यह पुरस्कार पहले ही हासिल कर चुके हस्तियों की प्रभावी सूची में जुड़ गया है जिसमें अमिताभ बच्चन, मदर टेरेसा, जगजीत सिंह, आशा भोंसले, पंडित रविशंकर और बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा शामिल हैं.

भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने नई दिल्ली में आयोजित समारोह में मेय ची सनसाने को यह पुरस्कार प्रदान किया.

इस पुरस्कार के संस्थापक जीएम मोदी की पत्नी श्रीमती दयावती मोदी एक महान समाजसेवी और शिक्षाविद थीं. दयावती मोदी फ़ाउंडेशन ने 1994 में उनकी याद में इस पुरस्कार को शुरू किया. दयावती मोदी पुरस्कार कला, संस्कृति एवं शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिवर्ष 17 नवंबर को उनकी जन्मसदी के उपलक्ष्य में प्रदान किया जाता है. यह पुरस्कार इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को दिया जाता है. मदर टेरेसा हमारा यह पुरस्कार सबसे पहले पाने वालों में से एक रही हैं.

By- Supriya Mishra